राजभाषा

 

केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 वायुसेना,जोधपुर

राजभाषा हिन्दी कार्यशाला/संगोष्ठी

प्रतिवेदन

जोधपुर

20 फरवरी,2017

केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 वायुसेना,जोधपुर में दिनांक-20 फरवरी,2017 को संकुल स्तरीय “राजभाषा हिन्दी कार्यशाला/संगोष्ठी” का आयोजन किया गया Iसंगोष्ठी “प्रशासनिक पत्राचार में हिन्दी का प्रयोग एवं मानक हिन्दी तथा वर्तनी”विषय पर केन्द्रित थी I कार्यशाला का उद्घाटन विद्यालय के मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य श्री ए.एस.भाटी ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया साथ ही सभी प्रतिभागियों ने प्रार्थना की I कार्यशाला के दौराना मुख्य वक्ता के तौर पर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी श्री रेवती लाला मीना थे Iकार्यशाला का प्रारम्भ प्रतिभागियों के परिचय के साथ हुआ I

v  समन्वयक एवं संसाधक कैलाश चन्द रैगर ने कार्यशाला के एजेंडा बिन्दुओं से सभी को अवगत करवाया एवं प्रतिलिपि वितरित की और बिन्दुवार चर्चा को आगे बढ़ाया I

प्रथम सत्र में राजभाषा संबंधी प्रावधानों (राजभाषा हिन्दी की संवैधानिक पृष्ठ भूमि,आठवीं अनुसूची में वर्णित  भाषाएँ ,राजभाषा से संबन्धित गठित आयोग एवं समितियां ,राष्ट्रपति के द्वारा जारी किए गए आदेश एवं उनका प्रभाव ,राजभाषा अधिनियम 1963 धारा (3)3 ,राजभाषा संकल्प 1968 ,राजभाषा नियम 976 ,भाषा के आधार पर राज्यों का वर्गीकरण   व ’,राजभाषा विभाग गृहमंत्रालय, केंद्रीय हिन्दी निदेशालय मानव संसाधन मंत्रालय,संसदीय राजभाषा समिति 1976(लोकसभा-20 एवं राज्यसभा-10,हिन्दी सलाहकार समितियां 45 (प्रत्येक तिमाही में एक बैठक अनिवार्य, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के गठन एवं सदस्यता) आदि पर चर्चा की गई एवं शंकाओं का समाधान किया गया I

v  तिमाही प्रतिवेदन एवं वार्षिक प्रतिवेदन एवं एक्सल सीट भरने पर चर्चा की गई एवं जिन बिन्दुओं पर किसी प्रकार की शंकाएं थी उनका समाधान किया गया I

v  मुख्य वक्ता श्री रेवती लाला मीना ने नगर राजभाषा की कार्यप्रणाली एवं उपादेयता पर प्रकाश डाला एवं नराकास की सदस्यता ग्रहण करने एवं छमाही एवं वार्षिक बैठकों में कार्यालय प्रधान के भाग लेने की अनिवार्यता के बारे में विस्तार से बात की, साथ उन्होंने वार्षिक अंशदान के बारे में भी बताया I यूनिकोड के विषय में बताते हुए कहा की हिन्दी को तकनीक के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है एवं प्रत्येक कार्य हिंदी में भी किया जा सकता है I

v  विद्यालय के प्राचार्य महोदय ने कार्यालय प्रधानों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया की यदि कार्यालय प्रधान अपनी भूमिका का निर्वाह ठीक प्रकार से करे तो राजभाषा के लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है साथ ही उन्होंने बताया की यदि कार्यालय में प्रयोग किए जाने वाले सभी प्रपत्रों को एक बार ही हिन्दी या द्विभाषी रूप में तैयार कार लिया जाए तो बहुत काम आसान एवं शीघ्र पूर्ण किया जा सकता है I प्राचार्य महोदय ने बताया की यदि कार्यालय के कार्मिक हिन्दी से संबन्धित कार्य को भी प्राथमिकता के साथ करे तो हिन्दी पत्राचार में आशानुकूल प्रगति अपने आप हो जाएगी जहां कहीं परेशानी आए वे स्नातकोत्तर शिक्षक हिन्दी की मदद ले सकते है एवं मिलकर काम करे तो राजभाषा के सभी कार्य आसानी से किए जा सकते है I उन्होंने बताया की कार्यालय में सभी प्रकार के आवक-जावक पंजिकाओं में नत्थी करने का कार्य ठीक से किया जाना चाहिए ताकि तिमाही एवं वार्षिक प्रतिवेदनों में चाहे गए आंकड़े आसानी से भरे जा सकते है I आगे चर्चा करते बताया की पुस्तकालय में खरीदी जाने वाली पुस्तकों की खरीद एवं विद्यालय पत्रिका ,न्यूज लेटर व  अन्य प्रपत्रों की खरीद हमेशा राजभाषा के नियमानुसार ही की जानी चाहिए I

v  द्वितीय सत्र में मानक हिन्दी पर चर्चा केंद्रीय हिन्दी निदेशालय के निर्देशों के अनुसार की गई जिसमें स्नाकोत्तर शिक्षक सुरेश कुमार चौहान केंद्रीय विद्यालय बनाड़ की अहम भूमिका रही उन्होंने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए बताया की केंद्रीय हिन्दी निदेशालय ने किस प्रकार हिन्दी की भी तकनीक एवं कम्प्युटर के अनुकूल बनाने की दिशा में सरलीकरण किया है अर्द्ध अक्षरों,चंद्र बिन्दु के विषय में विशेष बदलाव किया गया है साथ ही वर्तनी संबंधी होने वाली सामनी त्रुटियों पर भी खुली चर्चा की गई एवं उनका निराकरणा किया गया I

v  कार्यशाला/ संगोष्ठी के अंतिम सत्र में शंका समाधान पर खुली चर्चा की गई जिसमें सभी प्रतिभागियों ने भाग लिया एवं जिस बिन्दु पर उन्हें किसी प्रकार की शंका रही उनका समाधान आपसी चर्चा द्वारा  किया गया I

v  प्राचार्य महोदय ने सभी प्रतिभगियों को सहभागिता प्रमाण –पत्र प्रदान कर सकारात्मक सहयोग एवं अनुशासन बनाएं रखने हेतु धन्यवाद दिया I