Raj Bhasha

 

 

केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 वायुसेना,जोधपुर

राजभाषा हिन्दी कार्यशाला/संगोष्ठी

प्रतिवेदन

जोधपुर

20 फरवरी,2017

केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 वायुसेना,जोधपुर में दिनांक-20 फरवरी,2017 को संकुल स्तरीय “राजभाषा हिन्दी कार्यशाला/संगोष्ठी” का आयोजन किया गया Iसंगोष्ठी “प्रशासनिक पत्राचार में हिन्दी का प्रयोग एवं मानक हिन्दी तथा वर्तनी”विषय पर केन्द्रित थी I कार्यशाला का उद्घाटन विद्यालय के मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य श्री ए.एस.भाटी ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया साथ ही सभी प्रतिभागियों ने प्रार्थना की I कार्यशाला के दौराना मुख्य वक्ता के तौर पर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी श्री रेवती लाला मीना थे Iकार्यशाला का प्रारम्भ प्रतिभागियों के परिचय के साथ हुआ I

v  समन्वयक एवं संसाधक कैलाश चन्द रैगर ने कार्यशाला के एजेंडा बिन्दुओं से सभी को अवगत करवाया एवं प्रतिलिपि वितरित की और बिन्दुवार चर्चा को आगे बढ़ाया I

प्रथम सत्र में राजभाषा संबंधी प्रावधानों (राजभाषा हिन्दी की संवैधानिक पृष्ठ भूमि,आठवीं अनुसूची में वर्णित  भाषाएँ ,राजभाषा से संबन्धित गठित आयोग एवं समितियां ,राष्ट्रपति के द्वारा जारी किए गए आदेश एवं उनका प्रभाव ,राजभाषा अधिनियम 1963 धारा (3)3 ,राजभाषा संकल्प 1968 ,राजभाषा नियम 976 ,भाषा के आधार पर राज्यों का वर्गीकरण ’,राजभाषा विभाग गृहमंत्रालय, केंद्रीय हिन्दी निदेशालय मानव संसाधन मंत्रालय,संसदीय राजभाषा समिति 1976(लोकसभा-20 एवं राज्यसभा-10,हिन्दी सलाहकार समितियां 45 (प्रत्येक तिमाही में एक बैठक अनिवार्य, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के गठन एवं सदस्यता) आदि पर चर्चा की गई एवं शंकाओं का समाधान किया गया I

v  तिमाही प्रतिवेदन एवं वार्षिक प्रतिवेदन एवं एक्सल सीट भरने पर चर्चा की गई एवं जिन बिन्दुओं पर किसी प्रकार की शंकाएं थी उनका समाधान किया गया I

v  मुख्य वक्ता श्री रेवती लाला मीना ने नगर राजभाषा की कार्यप्रणाली एवं उपादेयता पर प्रकाश डाला एवं नराकास की सदस्यता ग्रहण करने एवं छमाही एवं वार्षिक बैठकों में कार्यालय प्रधान के भाग लेने की अनिवार्यता के बारे में विस्तार से बात की, साथ उन्होंने वार्षिक अंशदान के बारे में भी बताया I यूनिकोड के विषय में बताते हुए कहा की हिन्दी को तकनीक के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है एवं प्रत्येक कार्य हिंदी में भी किया जा सकता है I

v  विद्यालय के प्राचार्य महोदय ने कार्यालय प्रधानों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया की यदि कार्यालय प्रधान अपनी भूमिका का निर्वाह ठीक प्रकार से करे तो राजभाषा के लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है साथ ही उन्होंने बताया की यदि कार्यालय में प्रयोग किए जाने वाले सभी प्रपत्रों को एक बार ही हिन्दी या द्विभाषी रूप में तैयार कार लिया जाए तो बहुत काम आसान एवं शीघ्र पूर्ण किया जा सकता है I प्राचार्य महोदय ने बताया की यदि कार्यालय के कार्मिक हिन्दी से संबन्धित कार्य को भी प्राथमिकता के साथ करे तो हिन्दी पत्राचार में आशानुकूल प्रगति अपने आप हो जाएगी जहां कहीं परेशानी आए वे स्नातकोत्तर शिक्षक हिन्दी की मदद ले सकते है एवं मिलकर काम करे तो राजभाषा के सभी कार्य आसानी से किए जा सकते है I उन्होंने बताया की कार्यालय में सभी प्रकार के आवक-जावक पंजिकाओं में नत्थी करने का कार्य ठीक से किया जाना चाहिए ताकि तिमाही एवं वार्षिक प्रतिवेदनों में चाहे गए आंकड़े आसानी से भरे जा सकते है I आगे चर्चा करते बताया की पुस्तकालय में खरीदी जाने वाली पुस्तकों की खरीद एवं विद्यालय पत्रिका ,न्यूज लेटर व  अन्य प्रपत्रों की खरीद हमेशा राजभाषा के नियमानुसार ही की जानी चाहिए I

v  द्वितीय सत्र में मानक हिन्दी पर चर्चा केंद्रीय हिन्दी निदेशालय के निर्देशों के अनुसार की गई जिसमें स्नाकोत्तर शिक्षक सुरेश कुमार चौहान केंद्रीय विद्यालय बनाड़ की अहम भूमिका रही उन्होंने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए बताया की केंद्रीय हिन्दी निदेशालय ने किस प्रकार हिन्दी की भी तकनीक एवं कम्प्युटर के अनुकूल बनाने की दिशा में सरलीकरण किया है अर्द्ध अक्षरों,चंद्र बिन्दु के विषय में विशेष बदलाव किया गया है साथ ही वर्तनी संबंधी होने वाली सामनी त्रुटियों पर भी खुली चर्चा की गई एवं उनका निराकरणा किया गया I

v  कार्यशाला/ संगोष्ठी के अंतिम सत्र में शंका समाधान पर खुली चर्चा की गई जिसमें सभी प्रतिभागियों ने भाग लिया एवं जिस बिन्दु पर उन्हें किसी प्रकार की शंका रही उनका समाधान आपसी चर्चा द्वारा  किया गया I

v  प्राचार्य महोदय ने सभी प्रतिभगियों को सहभागिता प्रमाण –पत्र प्रदान कर सकारात्मक सहयोग एवं अनुशासन बनाएं रखने हेतु धन्यवाद दिया I

 

 

 

 

 

 

 

 

v  कार्यशाला के अंतिम पड़ाव में केंद्रीय विद्यालय बनाड के वरिष्ठ सचिवालय सहायक अतीक अहमद ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा की केंद्रीय विद्यालय संगठन जयपुर संभाग के उपायुक्त महोदय विशेष धन्यवाद के पात्र जिन्होंने इतनी अच्छी कार्ययोजना बनाकर हिन्दी के प्रगामी-प्रयोग हेतु पहल की ,साथ ही उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य महोदय को कार्यशाला के सफल आयोजन एवं तमाम व्यवस्थाओं के लिए विशेष धन्यवाद दिया और समन्वयक एवं संसाधक महोदय द्वारा राजभाषा के क्रमिक विकास से अवगत करवाने हेतु धन्यवाद दिया I

v  सभी प्रतिभागियों का विशेष आग्रह रहा की प्रतिवर्ष इस प्रकार का आयोजन होता रहना चाहिए ताकि राजभाषा संबंधी गतिविधियों से परिचित एवं आपसी चर्चा कर सके और यदि आगे से इस प्रकार का आयोजन होता है तो केंद्रीय विद्यालय संगठन जयपुर संभाग के राजभाषा अधिकारी और उपायुक्त महोदय या सहायक उपायुक्त भी रहे तो बहुत अच्छा रहेगा I

 

 

 

कैलाश चन्द रैगर                                         ए.एस.भाटी

 

कार्यशाला समन्वयक                                       प्राचार्य

 

  

संघ की राजभाषा के संदर्भ में घटनाक्रम

नीति संबंधी

दिनांक

घटनाक्रम

14.9.1949

संविधान सभा ने हिन्दी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया । इस दिन को अब हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है ।

26.1.1950

संविधान लागू हुआ। तदनुसार उसमें किए गए भाषाई प्रावधान(अनुच्छेद 120, 210 तथा 343 से351) लागू हुए ।

1952

शिक्षा मंत्रालय द्वारा हिन्दी भाषा का प्रशिक्षण ऐच्छिक तौर पर प्रारम्भ किया गया ।

27.5.1952

राज्यपालों/उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों तथा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्तियों में अंग्रेजी भाषा के अतिरिक्त हिन्दी भाषा व भारतीय अंकों के अन्तर्राष्ट्रीय स्वरूप के अतिरिक्त अंकों के देवनागरी स्वरूप का प्रयोग प्राधिकृत किया गया ।

जूलाई, 1955

हिन्दी शिक्षण योजना की स्थापना । केन्द्र सरकार के मंत्रालयोंविभागों,संबद्ध व अधीनस्थ कर्मचारियों को सेवाकालीन प्रशिक्षण ।

7.6.1955

बी.जी. खेर आयोग का गठन (संवधान के अनुच्छेद 344 (1) के अन्तर्गत)

अक्तूबर,1955

गृह मंत्रालय के अन्तर्गत हिन्दी शिक्षण योजना प्रारम्भ की गई ।

3.12.1955

संवधान के अनुच्छेद 343 ( 2) के परन्तुक द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए संघ के कुछ कार्यों के लिए अंग्रेजी भाषा के अतिरिक्त हिंदी भाषा का प्रयोग किए जाने के आदे जारीकिए गए ।

31.7.1956

खेर आयोग की रिपोर्ट राष्ट्रपति जी को प्रस्तुत की गई ।

1957

खेर आयोग की रिपोर्ट पर विचार हेतु तत्कालीन गृह मंत्री श्री गोविन्द वल्लभ पंत की अध्यक्षता में संसदीय समिति का गठन ।

8.2.1959

संविधान के अनुच्छेद 344 (4) के अन्तर्गत संसदीय समिति की रिपोर्ट राष्ट्रपति जी को प्रस्तुत की गई ।

सितम्बर,1959

संसदीय समिति की रिपोर्ट पर संसद में बहस । तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा आश्र्वासन दिया गया कि अंग्रेजी को सह-भाषा के रूप में प्रयोग में लाए जाने हेतु कोई व्यावधान उत्पन्न नहीं किया जाएगा और न ही इसके लिए कोई समय-सीमा ही निर्धारित की जाएगी । भारत की सभी भाषाएं समान रूप से आदरणीय हैं और ये हमारी राष्ट्रभाषाएं हैं ।

1960

हिन्दी टंकणहिन्दी आशुलिपि का अनिवार्य प्रशिक्षण आरम्भ किया गया ।

27.4.1960

संसदीय समिति की रिपोर्ट पर राष्ट्रपति के आदेश जारी किए गए जिनमें हिन्दी शब्दावलियों का निर्माणसंहिताओं व कार्यविधिक साहित्य का हिंदी अनुवादकर्मचारियों को हिंदी का प्रशिक्षण,हिंदी प्रचारविधेयकों की भाषाउच्चतम न्यायालय व उच्च न्यायालयों की भाषा आदि मुद्दे हैं ।

10.5.1963

अनुच्छेद 343(3) के प्रावधान व श्री जवाहर लाल नेहरू के आवासन को ध्यान में रखते हुए राजभाषा अनयम बनाया गया । इसके अनुसार हन्दी संघ की राजभाषा व अंग्रेजी सह-राजभाषा के रूप में प्रयोग में लाई गई ।

5.9.1967

प्रधान मंत्री की अध्यक्षता में केन्द्रीय हिन्दी समिति का गठन किया गया । यह समिति सरकार की राजभाषा नीति के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निदेश देने वाली सर्वोच्च समिति है । इस समिति में प्रधानमंत्री जी के अलावा नामित केन्द्रीय मंत्रीकुछ राज्यों के मुख्यमंत्रीसांसद तथा हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं के विद्वान सदस्य के रूप में शामिल किए जाते हैं ।

16.12.1967

संसद के दोनों सदनों द्वारा राजभाषा संकल्प पारित किया गया जिसमें हिन्दी के राजकीय प्रयोजनों हेतु उत्तरोत्तर प्रयोग के लिए अधिक गहन और व्यापक कार्यक्रम तैयार करनेप्रगति की समीक्षा के लिए वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करनेहिन्दी के साथ -साथ 8वीं अनुसूची की अन्य भाषाओं के समन्वित विकास के लिए कार्यक्रम तैयार करनेत्रिभाषा सूत्र का अपनाये जाने,संघ सेवाओं के लिए भर्ती के समय हिन्दी व अंग्रेजी में से किसी एक के ज्ञान की आवश्यकता अपेक्षित होने तथा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा उचित समय पर परीक्षा के लिए संविधान की8वीं अनुसूची में सम्मिलित सभी भाषाओं तथा अंग्रेजी को वैकल्पिक माध्यम के रूप में रखने की बात कही गई है । (संकल्प 18.8,1968 को प्रकाशित हुआ)

1967

सिंधी भाषा संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित की गई ।

8.1.1968

राजभाषा अधिनियम1963 में संशोधन कए गए । तदनुसार धारा 3 (4) में यह प्रावधान कया गया कि हिंदी में या अंग्रेजी भाषा में प्रवीण संघ सरकार के कर्मचारी प्रभावी रूप से अपना काम कर सकें तथा केवल इस आधार पर कि वे दोनों ही भाषाओं में प्रवीण नहीं हैंउनका कोई अहित न हो । धारा 3 (5) के अनुसार संघ के राजकीय प्रयोजनों में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग समाप्त कर देने के लिए आवयक है कि सभी राज्यों के विधान मण्डलों द्वारा( जिनकी राजभाषा हिंदी नहीं हैऐसे संकल्प पारित कए जाएं तथा उन संकल्पों पर विचार करने के पश्चात अंग्रेजी भाषा का प्रयोग समाप्त करने के लिए संसद के हरेक सदन द्वारा संकल्प पारित कया जाए ।

1968

राजभाषा संकल्प 1968 में किए गए प्रावधान के अनुसार वर्ष 1968-69 से राजभाषा हिन्दी में कार्य करने के लिए विभिन्न मदों के लक्ष्य निर्धारित किए गए तथा इसके लिए वार्षिक कार्यक्रम तैयार किया गया ।

1.3.1971

केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो का गठन

1973

केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो के दिल्ली स्थिति मुख्यालय में एक प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना ।

1974

तीसरी श्रेणी के नीचे के कर्मचारियोंऔद्योगिक प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों तथा कार्य प्रभारित कर्मचारियों को छोड़कर केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ केन्द्र सरकार के स्वामित्व एवं नियंत्रणाधीन निगमोंउपक्रमोंबैंकों आदि के कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए हिन्दी भाषा,टंकण एवं आशुलिपि का अनिवार्य प्रशिक्षण ।

जून, 1975

राजभाषा से संबंधित संवैधानिकविधिक उपबंधों के कार्यान्वयन हेतु राजभाषा विभाग का गठन किया गया ।

1976

राजभाषा नियम बनाए गए ।

1976

संसदीय राजभाषा समिति का गठन । तब से अब तक समिति ने अपनी रिपोर्ट के 8 भाग प्रस्तुत किए हैं जिनमें से प्रथम 7 पर राष्ट्रपति के आदेश जारी हो गए हैं । आठवें खण्ड में की गई संस्तुतियों पर मंत्रालयों व राज्य सरकारों की टिप्पणी प्राप्त की जा रही है ।

1977

श्री अटल बिहारी वाजपेयीतत्कालीन विदेश मंत्री ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को हिंदी में संबोधित किया ।

1981

केन्द्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा संवर्ग का गठन किया गय 

25.10.1983

केन्द्रीय सरकार के मंत्रालयोंविभागोंसरकारी उपक्रमोंराष्ट्रीयकृत बैंकों में यांत्रिक और इलेक्ट्रानिक उपकरणों द्वारा हिन्दी में कार्य को बढ़ावा देने तथा उपलब्ध द्विभाषी उपकरणों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से राजभाषा विभाग में तकनीकी कक्ष की स्थापना की गई ।

21.8.1985

केन्द्रीय हिन्दी प्रशिक्षण संस्थान का गठन कर्मचारियों/अधिकारियों को हिन्दी भाषाहिन्दी टंकण और हिन्दी आशुलिपि के पूर्णकालिक गहन प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया गया ।

1986

कोठारी शिक्षा आयोग की रिपोर्ट। 1968 में पहले ही यह सिफारिश की जा चुकी थी कि भारत मेंशिक्षा का माध्यम भारतीय भाषाएं होनी चाहिए । उच्च शिक्षा के माध्यम के संबंध में नई शिक्षानीति (1986) के कार्यान्वयन - कार्यक्रम में कहा गया -  स्कूल स्तर पर आधुनिक भारतीय भाषाएं पहले ही शिक्षण माध्यम के रूप में प्रयुक्त हो रही हैं । आवश्यकता इस बात की है क विश्वविद्यालय के स्तर पर भी इन्हें उत्तरोत्तर माध्यम के रूप में अपना लया जाए । इसके लिए अपेक्षा यह है कि राज्य सरकारेंविश्वविद्यालय अनुदान आयोग से परामर्श करकेसभीविषयों में और सभी स्तरों पर शिक्षण माध्यम के रूप में उत्तरोत्तर आधुनिक भारतीय भाषाओं को अपनाएं।

1986-87

इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार प्रारम्भ किए गए ।

9.10.1987

राजभाषा नियम1976 में संशोधन किए गए ।

1988

विदेश मंत्री के रूप में संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेम्बली में तत्कालीन विदेश मंत्री श्री नरसिंह राव जी हिंदी में बोले ।

1992

कोंकणीमणिपुरी व नेपाली भाषाएं संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित की गई।

2.9.2003

डॉ. सीता कान्त महापात्र की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया जो संविधान की आठवीं अनुसूची में अन्य भाषाओं को सम्मिलित किए जाने तथा आठवीं अनुसूची में सभी भाषाओं को संघ की राजभाषा घोषित किए जाने की साध्यता परखने पर विचार करेगी । समिति ने14.6.2004 को अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की ।

11.9.2003

मंत्रिमंडल ने एन.डी.ए. तथा सी.डी.एस. की परीक्षाओं में प्रश्न पत्रों को हिंदी में भी तैयार करने का निर्णय लिया ।

8.1.2004

बोडोडोगरीमैथिली तथा सांथाली भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में रखा ।

6.9.2004

मातृभाषा विकास परिषद् द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने यह पाया कि वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग के गठन का उद्देश्य हिंदी एवं अन्य आधुनिक भाषाओं के लिए तकनीकी शब्दावली में एकरूपता अपनाया जाना है। यह एकरूपता तकनीकी शब्दावली के प्रयोग के लिए आवश्यक है । उच्चतम न्यायालय ने निदेश दिया कि आयोग द्वारा बनाई गई तकनीकी शब्दावली भारत सरकार के अंतर्गत एन.सी.ई.आर.टी तथा इसी प्रकार की अन्य संस्थाओं द्वारा तैयार की जा रही पाठय पुस्तकों में प्रयोग में लाई जाए ।

 

 

तकनीकी संबंधी

24.1.2000

राजभाषा विभाग का पोर्टल का लोकार्पण माननीय गृह मंत्री जी द्वारा किया गया जिसमें विभाग से संबंधत विभिन्न जानकारियां द्विभाषिक रूप में उपलब्ध कराई गई ।

14.9.2003

कंप्यूटर की सहायता से प्रबोधप्रवीण तथा प्राज्ञ स्तर की हिंदी स्वयं सीखने के लिए राजभाषा विभाग ने कंप्यूटर प्रोग्राम (लीला हिंदी प्रबोधलीला हिंदी प्रवीणलीला हिंदी प्राज्ञ ) तैयार करवा कर सर्व साधारण द्वारा उसका निशुल्क प्रयोग के लिए उसे राजभाषा विभाग की वैब साइट पर उपलब्ध करा दिया है।

14.9.2004

कंप्यूटर की सहायता से तमिलतेलुगूमलयालम तथा कन्नड़ भाषाओं के माध्यम से प्रबोध,प्रवीण तथा प्राज्ञ स्तर की हिंदी स्वयं सीखने के लिए कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार करवा कर उसके निशुल्क प्रयोग के लिए उसे राजभाषा विभाग की वैब साइट पर उपलब्ध करा दिया ।

20.6.2005

525 हिंदी फोंटफोंट कोड कनवर्टरअंग्रेजी - हिंदी शब्दकोशहिंदी स्पेल चेकर को निशुल्क प्रयोग के लए वेब साइट पर उपलब्ध करा दिया गया । इन्हें http://ildc.in से डाउनलोड किया जा सकता है ।

14.9.2005

कंप्यूटर की सहायता से बांगला भाषा के माध्यम से प्रबोधप्रवीण तथा प्राज्ञ स्तर की हिंदी स्वयं सीखने के लिए प्रोग्राम तैयार करवा कर राजभाषा विभाग की वैब साइट पर उपलब्ध करा दियागया ।

मंत्र-राजभाषा अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद सॉफ्टवेयर प्रशासनिक एवं वित्तिय क्षेत्रों के लिए प्रयोग एवं डाउनलोड हेतु राजभाषा विभाग की वैब साइट पर उपलब्ध करा दिया 

14.9.2006

कंप्यूटर की सहायता से उड़िया, असमी, मणिपुरी तथा मराठी भाषा के माध्यम से प्रबोधप्रवीण तथा प्राज्ञ स्तर की हिंदी स्वयं सीखने के लिए प्रोग्राम तैयार करवा कर राजभाषा विभाग की वैब साइट पर उपलब्ध करा दिया 

मंत्र-राजभाषा अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद सॉफ्टवेयर लघु उद्योग एवं कृषि क्षेत्रों के लिए प्रयोग एवं डाउनलोड हेतु राजभाषा विभाग की वैब साइट पर उपलब्ध करा दिया 

 

14.9.2007

कंप्यूटर की सहायता से नेपाली, पंजाबी, कश्मीरी तथा गुजराती भाषा के माध्यम से प्रबोधप्रवीण तथा प्राज्ञ स्तर की हिंदी स्वयं सीखने के लिए प्रोग्राम तैयार करवा कर राजभाषा विभाग की वैब साइट पर उपलब्ध करा दिया 

मंत्र-राजभाषा अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद सॉफ्टवेयर सूचना-प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य सुरक्षा क्षेत्रों के लिए प्रयोग एवं डाउनलोड हेतु राजभाषा विभाग की वैब साइट पर उपलब्ध करा दिया 

श्रुतलेखन-राजभाषा (हिंदी स्पीच से हिंदी टेक्सट) अंतिम वर्जन जन-प्रयोग के लिए मार्किट में बिक्री के लिए उपलब्ध है ।

कार्यान्वयन संबंधी

14.9.1999

संघ की राजभाषा हिंदी की स्वर्ण जयंती मनाई गई ।

20.10.2000

राष्ट्रीय ज्ञान विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार वर्ष 2001-02 से आरंभ करने की घोषणा की गई जिसमें निम्न पुरस्कार राशियां हैं :-

(1) प्रथम प्ररस्कार - 100000 रुपये

(2) द्वतीय प्ररस्कार - 75000 रुपये

(3) तृतीय पुरस्कार - 50000 रुपये

(4) 10 सांत्वना पुरस्कार - 100000 रुपये

22.7.2004

केन्द्रीय सरकार की राजभाषा नीति के अनुपालन /कार्यान्वयन के लिए न्यूनतम हिन्दी पदों के मानक पुन निर्धारित ।

25.10.2004

सचिव, राजभाषा विभाग की अध्यक्षता में केंद्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 30वीं बैठक का आयोजन किया गया जिसमें केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों में राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग की प्रगति की समीक्षा की गई।

 

8.8.2005

राष्ट्रीय ज्ञान-वज्ञान मौलक पुस्तक लेखन पुरस्कार का नाम बदल कर राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार कर दिया गया तथा पुरस्कार राशि बढ़ा कर निम्न प्रकार कर दी गई :-

प्रथम पुरस्कार - रू० 2 लाख

द्वितीय पुरस्कार - रू० 1.25 लाख

तृतीय पुरस्कार - रू० 0.75 लाख

सांत्वना पुरस्कार (10) - रू० 10 हजार प्रत्येक को

यह योजना वर्ष 2004-95 में प्रकाशित पुस्तकों से लागू होगी ।

 

15.02.2007

सचिव, राजभाषा विभाग की अध्यक्षता में केंद्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 31वीं बैठक का आयोजन किया गया जिसमें केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों में राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग की प्रगति की समीक्षा की गई।

27.02.2008

सचिव, राजभाषा विभाग की अध्यक्षता में केंद्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 32वीं बैठक का आयोजन किया गया जिसमें केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों में राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग की प्रगति की समीक्षा की गई।

22.09.2008

सचिव, राजभाषा विभाग की अध्यक्षता में केंद्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 33वीं बैठक का आयोजन किया गया जिसमें केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों में राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग की प्रगति की समीक्षा की गई।

24.08.2009

सचिव, राजभाषा विभाग की अध्यक्षता में केंद्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 34वीं बैठक का आयोजन किया गया जिसमें केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों में राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग की प्रगति की समीक्षा की गई।

04.11.2010

विभाग की वेबसाईट में सुधार करने और इसे समय समय पर अद्यतन करने के संपादकीय मंडल का गठन किया गया ।

29/30.12.2010

सचिव, राजभाषा विभाग की अध्यक्षता में केंद्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की दो दिवसीय 35वीं बैठक का आयोजन किया गया जिसमें केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों में राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग की प्रगति की समीक्षा की गई।

09.02.2011

वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग(सी.एस.टी.टी.) तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक हुई ।

22.02.2011

राजभाषा विभाग के अधीन क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालयों, केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान व केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो के क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक।

05.04.2011

राजभाषा विभाग द्वारा प्रकाशित त्रैंमासिक पत्रिका 'राजभाषा भारतीमें अभिनवता लाने तथा उसके कलेवर में और सुधार लाने हेतु निर्णय लिए गए ।

29.04.2011

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों(नराकास) के गठन तथा संचालन संबंधी दिशानिर्देश और नराकास की बैठकों में विचार-विमर्श हेतु कार्यसूची बिंदुओं की चैक लिस्ट जारी की गई ।

10.05.2011

हिंदी सलाहकार समिति की बैठकों में विचार-विमर्श हेतु कार्यसूची बिंदुओं की चैक लिस्ट जारी की गई ।

24.05.2011

राजभाषा भारती के संपादकीय मंडल का गठन किया गया ।

26.05.2011

विभिन्न पुरस्कारों पर विचार के लिए संशोधित मानदंड और दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दिया गया । पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए इन्हें वेबसाईट पर डाला गया ।

 

 

 

 

राष्ट्रीय हिंदी दिवस तथा क्षेत्रीय राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह व विचार-मंथन

29/30.11.2004

उत्तर एवं दिल्ली क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन चंडीगढ़ में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2003-04 के राजभाषा पुरस्कार भी प्रदान किए गए ।

01/02.02.2005

पूर्व एवं पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन गुवाहाटी में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2003-04 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

15/16.02.2005

दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन बेंगलूर में किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपालकर्नाटक थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2003-04 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

11/12.03.2005

मध्य एवं पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन नागपुर में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2003-04 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

14.09.2005

हिंदी दिवस समारोह का आयोजन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया गया । समारोह में माननीय गृह मंत्री जी द्वारा वर्ष 2003-04 के इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार और राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार प्रदान किए गए।

02/03.12.2005

दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन तिरूवनंतपुरम में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपालकेरल थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2004-05 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

23/24.01.2006

पूर्व एवं पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन भुवनेश्वर में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपालउड़ीसा थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2004-05 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

07/08.03.2006

उत्तर व दिल्ली क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन देहरादून में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपालउत्तरांचल थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2004-05 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

22/23.03.2006

मध्य एवं पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन मुंबई में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि सचिवराजभाषा विभाग थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2004-05 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

14.09.2006

हिंदी दिवस समारोह का आयोजन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया गया । समारोह में माननीय गृह मंत्री द्वारा वर्ष 2004-05 के इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार और राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार प्रदान किए गए।

12/13.01.2007

दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन कोचिन में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2005-06 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

12/13.02.2007

मध्य एवं पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन जयपुर में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2005-06 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

23/24.02.2007

उत्तर व दिल्ली क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन वाराणसी में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि संयुक्त सचिवराजभाषा विभाग थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2005-06 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

21/22.03.2007

पूर्व एवं पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन कोलकाता में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2005-06 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

14.09.2007

हिंदी दिवस समारोह का आयोजन सीरी फोर्ट, नई दिल्ली में किया गया । समारोह में माननीय गृह मंत्री जी द्वारा वर्ष 2005-06 के इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार और राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार प्रदान किए गए ।

04/05.10.2007

दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन हैदारबाद में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि उसमानिया विश्वविद्यालय के कुलपति थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2006-07 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

13/14.11.2007

पूर्व एवं पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन सिलीगुड़ी में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि सचिवराजभाषा विभाग थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2006-07 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

13/14.12.2007

उत्तर व दिल्ली क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन हरिद्वार में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2006-07 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

14/15.02.2008

मध्य एवं पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन पणजी में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2006-07 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

14.09.2008

हिंदी दिवस समारोह का आयोजन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया गया । समारोह में महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा वर्ष 2006-07 के इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार और राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार प्रदान किए गए।

15/16.10.2008

दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन अरूवनकाडु(ऊटी) में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे। सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2007-08 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए।

28.02.2009

मध्य एवं पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन वडोदरा में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि कुलपति, सयाजीराव विश्वविद्यालय, वडोदरा थे। सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2007-08 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

14.09.2009

हिंदी दिवस समारोह का आयोजन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया गया । समारोह में महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा वर्ष 2007-08 के इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार और राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार प्रदान किए गए।

09.10.2009

दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन पुडुचेरी में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2008-09 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

08.01.2010

उत्तर व दिल्ली क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन देहरादून में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2008-09 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

04/05.02.2010

पूर्व एवं पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन शिलांग में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2008-09 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

27.03.2010

मध्य एवं पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन दमण में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2008-09 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए ।

14.09.2010

हिंदी दिवस समारोह का आयोजन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया गया । समारोह में महामहिम उपराष्ट्रपति जी द्वारा वर्ष 2008-09 के इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार और राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार प्रदान किए गए।

21.12.2010

दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह एवं विचार मंथन कार्यक्रम का आयोजन विशाखपट्टणम में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री थे । सम्मेलन में संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन एवं हिंदी के प्रयोग में प्रगति लाने संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई और वर्ष 2009-10 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए । हिंदी के प्रगामी प्रयोग और संघ की राजभाषा नीति का कार्यान्वयन संबंधी मुद्दों पर खुले सदन में सभी प्रतिभागियों द्वारा विस्तृत एवं गहन विचार मंथन किया गया ।

माननीय गृह मंत्री द्वारा लिए गए निर्णयानुसार पहली बार युवा विद्यार्थियों में राजभाषा हिंदी की आवश्यकता के प्रति चेतना जागृत करने के उद्देश्य से आंध्रप्रदेश विश्वविद्यालय तथा इसके हिंदी विभाग का घना सहयोग लिया गया । पहली बार संरचित विचार-मंथन आरंभ किया गया । भाषाई और सांस्कृतिक समन्वय युक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय क्षेत्रीय भाषाओं और हिंदी में प्रस्तुत किए गए ।

21.01.2011

मध्य एवं पश्चिम क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह एवं विचार मंथन कार्यक्रम का आयोजन पणजी(गोवा) में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल, गोवा थे । सम्मेलन में वर्ष 2009-10 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए । हिंदी के प्रगामी प्रयोग और संघ की राजभाषा नीति का कार्यान्वयन संबंधी मुद्दों पर खुले सदन में सभी प्रतिभागियों द्वारा विस्तृत एवं गहन विचार मंथन किया गया।

लिए गए सचेत निर्णयानुसार युवा विद्यार्थियों में राजभाषा हिंदी की आवश्यकता के प्रति चेतना जागृत करने के उद्देश्य से गोवा विश्वविद्यालय तथा इसके हिंदी विभाग का घना सहयोग लिया गया । संरचित विचार-मंथन समारोह का अभिन्न अंग था । भाषाई और सांस्कृतिक समन्वय युक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय क्षेत्रीय भाषाओं और हिंदी में प्रस्तुत किए गए ।

17.03.2011

उत्तर एवं दिल्ली क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह एवं विचार मंथन कार्यक्रम का आयोजन शिमला(हिमाचल प्रदेश) में किया गया । सम्मेलन में वर्ष 2009-10 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए । हिंदी के प्रगामी प्रयोग और संघ की राजभाषा नीति का कार्यान्वयन संबंधी मुद्दों पर खुले सदन में सभी प्रतिभागियों द्वारा विस्तृत एवं गहन विचार मंथन किया गया ।

लिए गए सचेत निर्णयानुसार युवा विद्यार्थियों में राजभाषा हिंदी की आवश्यकता के प्रति चेतना जागृत करने के उद्देश्य से गोवा विश्वविद्यालय तथा इसके हिंदी विभाग का घना सहयोग लिया गया । संरचित विचार-मंथन समारोह का अभिन्न अंग था । भाषाई और सांस्कृतिक समन्वय युक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय क्षेत्रीय भाषाओं और हिंदी में प्रस्तुत किए गए ।

24.03.2011

पूर्व एवं पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह एवं विचार मंथन कार्यक्रम का आयोजन गंगटोक(सिक्किम) में किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल, सिक्किम थे । सम्मेलन में सम्मेलन में वर्ष 2009-10 के राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए । हिंदी के प्रगामी प्रयोग और संघ की राजभाषा नीति का कार्यान्वयन संबंधी मुद्दों पर खुले सदन में सभी प्रतिभागियों द्वारा विस्तृत एवं गहन विचार मंथन किया गया ।

लिए गए सचेत निर्णयानुसार युवा विद्यार्थियों में राजभाषा हिंदी की आवश्यकता के प्रति चेतना जागृत करने के उद्देश्य से गोवा विश्वविद्यालय तथा इसके हिंदी विभाग का घना सहयोग लिया गया । संरचित विचार-मंथन समारोह का अभिन्न अंग था । भाषाई और सांस्कृतिक समन्वय युक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय क्षेत्रीय भाषाओं और हिंदी में प्रस्तुत किए गए ।


  

 

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